Makar Sankranti Essay in Hindi and Marathi for School Children

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Pongal is real festival of India. It is really great festival of Hindu religion. Are you searching for makar sankranti marathi essay for students ? Now check it here all essay in hindi for pongal.

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Makar Sankranti Essay in Hindi 

Makar Sankranti Essay in Hindi 

Tamannao Se Bhaari Ho Zindagee,
Khwahishon Se Bhara Ho Har Pal,
Daman Bhi Chota Lagne Lage,
Itni Khushian De Apko Anain Wala Pal..

पतंग, मुक्ताकाश में उड़ती, सरसराती, लहराती, इठलाती, सुंदर ,सजीली पतंग, कई -कई रंगों की आकर्षक पतंग किसे नहीं लुभाती? रंगीन कागज का यह नन्हा सलोना आविष्कार कुछ लोगों के लिए समय की बर्बादी हो सकता है। लेकिन आशा और विश्वास की पतंग, आकांक्षा और संकल्प की पतंग तथा प्रेम और स्वप्न की भावुक पतंग हर युग के हर मानव ने उड़ाई है, उड़ा रहा है।

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आज भी कितने ही लोग हमारे बीच ऐसे है ‍िजनकी स्मृतियों के विराट समुद्र में इस एक पतंग के बहाने बहुत कुछ आलोडि़त होता है। कितनी ही दुर्बल अंजुरियों में वह पतंगमयी अतीत आज भी थरथराता है। किसी ने इसे अपनी मुट्ठी में कसकर भींच रखा है । बार-बार खुलती है मुट्ठी और एक मीठी याद शब्दों में बँधकर, कपोलों पर सजकर इसी पुराने आकाश पर ऊंचा उठने के लिए बेकल हो जाती है। जब हमने जानने के लिए हथेली पसारी तो कहाँ संभल सकी वे स्मृतियाँ? अंगुलियों की दरारों से फिसलने लगी। सच ही कहा है किसी ने कि स्मृतियों को समेटने के लिए दामन भी बड़ा होना चाहिए।

The gorgeous festival of snacks and sweets
And lots of Kites in the sky…
Everyone enjoying a royal feast
When old and young with delight meet
And with love and affection do all hearts beat.
Ejoy the festival of Makar Sankranti!!!!

Makar Sankranti Essay in marathi

DUA hai k teri duniya me koi ghum na ho,
DUA hai k teri muskan kabhi kam na ho,
Agar kabhi TERI palko me aansu aye,
DUA hai k us ki vajha HUM na hoon…
Makar Sankranti Ki dhero Shubhkamnaye..
Ye Tyohaar apke parivaar ke liye Mangalmaye ho…

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मकर संक्रांति का त्यौहार हिन्दू मुख्य के मुख्य त्योहारों में से एक तथा नए साल के बाद सबसे शुभ अवसर व् दिन माना जाता हैं ! यह भारतवर्ष तथा नेपाल के सभी प्रान्तों में अलग - २ नाम व भ्रान्ति २ के रीती रिवाजो द्वारा भक्ति, उत्साह, व् सांकृतिक रिवाजो से धूम धाम से  मनाया जाता हैं ! 
मकर संक्रांति के दिन किसान अपनी अच्छी फसल के लिए भगवान को धन्यवाद देकर, अपनी अनुकम्पा को सदैव लोगों पर बनाये रखने का आशीर्वाद माँगते हैं इसलिए मकर संक्रांति के त्यौहार को फसलों का त्यौहार व् किसानो का त्यौहार के नाम से भी जाना जाता हैं ! 
मकर संक्रांति का शाब्दिक अर्थ 
मकर संक्रांति अर्थात मकर = मकर राशि को इंगित करता हैं जबकि संक्रांति का तात्पर्य - संक्रमण को दर्शाना हैं!



जिसका शाब्दिक विश्लेषण हैं कि इस दिन सूर्य का एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करता हैं !
मकर संक्रांति के इस दिन सूर्य खगोलीय पथ का चक्कर लगाते हुए मकर राशि में संक्रमण अर्थात प्रवेश करते है ! यह दिन भारतवर्ष में वंसत ऋतू के आने का भी द्योतक माना जाता हैं !  
मकर संक्रांति एक सौर घटना 
मकर संक्रांति प्रतिवर्ष पौष मास के चतुर्थी को शुक्ल पक्ष में पड़ता हैं !
मकर संक्रांति एक सौर घटना है और शायद हिन्दू त्योहारों में यही एक  त्यौहार हैं जो प्रतिवर्ष १४ जनवरी को मनाया जाता हैं ! अपवादों के चलते कई लोग इसे १३ जनवरी या १५ जनवरी को भी मनाते हैं !  
मकर संक्रांति का इतिहास

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पुराणो में वर्णित लेखों के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन भगवान् सूर्य अपने पुत्र शनि के घर में प्रवेश कर मकर राशि जिसके स्वामी शनि देव हैं, संक्रमण करते हैं और इसलिए यह दिन मकर सक्रांति कहलाया ! 
मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर रेखा को पार कर उत्तरी गोलार्ध में प्रवेश करते हैं ! मकर संक्रांति के दिन से कर्क संक्रांति तक का यह समय उत्तरायण व् उत्तरी क्रान्ति के दिन से भी जाना जाता हैं !  
हिंदुओं में सूर्य देव को ज्ञान, आध्यात्मिक प्रकाश, बुद्धिमत्ता आदि के स्वामित्व के लिए जाता हैं ! 

मकर संक्रांति का यह महोत्सव हमें सिखाता है कि हमें भ्रम के अन्धकार से दूर हो कर, हम जिस जीवन को जी रहे हैं उसे एक नए जीवन से परिभाषित करना चाहिए! उस तेज रोशनी या प्रकाश से प्रकाशित हो अपने अंदर समाहित रौशनी को दिन ब दिन बढ़ाना चाहिए जिसके प्रकाश से न बल्कि हम प्रकशित हो वरन सारे संसार को प्रकाशित किया जा सके !



हमें धीरे २ अपने अंदर शुद्धता, ज्ञान, और बुद्धिमता को प्रखर करना व् उसके गुण को विकसित करना चाहिए जैसा कि सूर्य देव मकर संक्रांति के दिन से आरम्भ करते हैं ! 

हमें धीरे २ अपने अंदर शुद्धता, ज्ञान, और बुद्धिमता को प्रखर करना व् उसके गुण को विकसित करना चाहिए जैसा कि सूर्य देव अपने प्रकाश को बढ़ा कर मकर संक्रांति के दिन से आरम्भ करते हैं ! 
मकर संक्रांति का त्यौहार हिंदुओं में उत्तर से लेकर दक्षिण तक बहुत ही सम्मान पूर्वक मनाया जाता हैं ! यह एक त्यौहार पूरे भारत के राज्यों व् उसके परम्पराओ को दर्शाता व् दिखाता हैं ! यह दिन मकर संक्रांति पूरे भारतवर्ष में विभिन्न राज्यों में विभिन्न नामों से तथा भिन्न २ पारम्परिक रीतियों द्वारा मनाया जाता हैं !



भौगोलिक विविधता जैसे जलवायु, मौसम पर्यावरण और भारत में सांस्कृतिक भिन्नता स्थान, रीती रिवाज के बावजूद भी यह त्यौहार मकर संक्रांति असंख्य कारणो से तथा अनगिनत रूपों में आज भी धूम धाम से मनाते हैं !